चिंतन के लिए मस्तिष्क के दरवाजे खोलती है जय शेट्टी की किताब 'संन्यासी की तरह सोचेंं'
कहानीकार, पॉडकास्टर और पूर्व संन्यासी जय शेट्टी की अंग्रेजी में लिखी ताज़ा किताब 'थिंक लाइक ए मोंक' #1 बेस्टसेलर बन गई है। इसका हिन्दी शीर्षक है 'संन्यासी की तरह सोचें'। हॉर्पर कॉलिंस इंडिया ने हाल ही इसका प्रकाशन किया था। जय शेट्टी का सपना शाश्वत ज्ञान को सर्वसुलभ, प्रासंगिक और व्यावहारिक ढंग से लोगों के बीच साझा करने का है।
किताब की शानदार कामयाबी को देखते हुए मंजुल पब्लिशिंग हाउस ने हिंदी और मराठी भाषाओं में भी इसका प्रकाशन किया है, जबकि इसके गुजराती, तेलुगू और मलयालम संस्करण भी जल्द आने वाले हैं। जय शेट्टी ने 400 से अधिक वायरल वीडियो बनाए हैं और वे दुनिया के #1 हेल्थ एंड वेलनेस पॉडकास्ट ऑन परपज़ के मेज़बान हैं। सोशल मीडिया पर उनके 38.5 मिलियन से ज़्यादा फॉलोअर्स हैं और उनके 'मेकिंग विज़्डम गो वायरल' वीडियोज़ के 8 बिलियन व्यूज़ हैं।
इस प्रेरक और सक्षम किताब में शेट्टी वैदिक परंपरा में संन्यासी के रूप में अर्जित ज्ञान का लाभ लेकर हमें सिखाते हैं कि हम अपनी क्षमता और शक्ति की राह में आने वाले अवरोधों को कैसे हटा सकते हैं। प्राचीन बुद्धिमत्ता और आश्रम के समृद्ध अनुभवों को मिश्रित करने वाली यह किताब इस बात को उजागर करती है कि हम नकारात्मक विचारों व आदतों से कैसे उबर सकते हैं और उस शांति तथा उद्देश्य तक कैसे पहुँच सकते हैं, जो हम सभी के भीतर मौजूद है।
यह किताब चिंतन के लिए मस्तिष्क के द्वार को खोलने, लोगों के भीतर उत्साह का संचार करने, उन्हें सफलता को फिर से परिभाषित करने और अपने गहन उद्देश्य से जुड़ने के लिए प्रेरित करती है।
मंजुल जल्द ही गुजराती, मलयालम और तेलुगु में भी यह किताब प्रकाशित करेगा।
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